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प्रथम सुपर कंप्यूटर'परम- 8000

तकनीक की शुरुआत भारत में भले ही देरी से हुई हो लेकिन सुपर कंप्यूटर के क्षेत्र में भारत का नाम विश्व के 10 मुख्य देशों की लिस्ट में आता है आइये जानते है कि, भारत में सुपर कंप्यूटर की शुरुआत कैसे हुई .
भारत का पहला सुपर कंप्यूटर - महासंगणक
साल 1980 के दशक तक भारत के पास अपना सुपर कंप्यूटर नही था. वह ऐसा दौर था. जब भारत में तकनीकी युग की शुरुआत हो चुकी थी. भारत अमेरिका से सुपर कंप्यूटर लेना चाहता था. लेकिन अमेरिका ने भारत को सुपर कंप्यूटर देने से साफ मना कर दिया. इसके पीछे एक मुख्य कारण था . अमेरिका नही चाहता था कि, कोई भी देश अमेरिका की बराबरी करें. और भारत को कंप्यूटर देना यानी.भारत का प्रगति पथ पर जाना.जो अमेरिका नही चाहता था. लेकिन भारत ने फिर भी सेंटर ऑफ डेवलपमेंट पुणे द्वारा ''परम- 8000'' कंप्यूटर बनाकर दुनिया को दिखा दिया कि ,हम भी किसी से कम नही है .इसके पश्चात भारत ने सुपर कंप्यूटर ''परम- 8000'' तीन देशों जर्मनी, यूके और रूस को दिया इसके बाद साल 1998 में सी-डेक द्वारा एक सुपर कंप्यूटर और बनाया गया जिसका नाम था, ''परम- 10000'' .इसकी गणना क्षमता 1 खरब गणना प्रति सेकंड थी .और आज भारत का विश्व में सुपर कंप्यूटर के क्षेत्र में नाम है.दुनिया के बेहतरीन सुपर कंप्यूटर की सूची बनाई गयी है जिसकी टॉप 10 लिस्ट में भारत का नाम चौथे नम्बर पर आता है 
भारत के अन्य सुपरकंप्यूटर के नाम 

आदित्य    |    अनुपम     |    परम युवा    |   परम युवा द्वितीय    |    सागा- 220     |    एका     |   वर्गो विक्रम - 100    |    क्रे X .C 40   |  भास्कर 
दुनिया के टॉप 5 सुपर कंप्यूटर 
1. तिअन्हे -1अ (एनयूडीटी), चीन 
2. ब्लूजीन/एलसिस्टम (आईबीएम), यूएस 
3. ब्लूजीन/ पीसिस्टम (आई.बी.एम), जर्मनी 
4. सिलिकॉन ग्राफिक्स (एस.जी.आई), न्यूमैक्सिको
5. एका, सी.आर.एल (आर्म ऑफ टाटा सन्स), भारत


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