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थायराइड हार्मोन बालों को पतला और हल्का बना देता है।

असामान्य रुप से निष्क्रिय और अति सक्रीय थाइराइड से भी बालों के झड़ने की समस्या शुरु हो सकती है। हालांकि थाइरोइड रोग की वजह से बालों के झडने की समस्या को उचित उपचार द्वारा ठीक किया जा सकता है। चलिये जाने की थाइराइड और बालों के झड़ने की समस्या के बीच का संबंध है और इस समस्या से निजात कैसे पायी जा सकती है। जैसा कि अधिकांश लोग जानते हैं कि थायराइड के कारण थकान, मस्तिष्क में परेशानी, वजन बढ़ना तथा शरीर का तापमान कम होने जैसी समस्याएं होती हैं, कई लोग नहीं जानते कि थायरोइड के कारण बाल झड़ने की समस्या भी हो सकती है। तितली के आकार वाली थायरायड ग्रंथि गर्दन में श्‍वांस नली के ऊपर होती है। यह ग्रंथि शरीर के मेटाबॉलिज्‍म को नियंत्रित करती है, अर्थात जो हम खाते हैं यह उसे उर्जा में बदलती है। इसके अलावा थायराइड ग्रंथि हृदय, मांसपेशियों, हड्डियों व कोलेस्‍ट्रॉल को भी प्रभावित करती है। थाइराइड हार्मोस में होनेवाली एक आम गड़बड़ी ही है थायराइड पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अधिक है। इससे महिलाओं को शारीरिक उतार-चढ़ाव के दौर से गुजरना पड़ता है। थायराइड एक खामोश बीमारी है और इसके शुरुआती लक्षण इतने हल्के होते हैं कि मरीज को पता ही नहीं चल पाता कि शरीर में कुछ गड़बड़ी चल रही है। बालों के झड़ने की समस्या थायराइड हार्मोन असंतुलित होने की ओर संकेत करता है। बहुत ज्यादा थायराइड हार्मोन बालों को पतला और हल्का बना देता है। हालांकि, बहुत कम थायराइड हार्मोन खोपड़ी और शरीर के बालों के झड़ने का कारण बनता है।


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