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जीएसटी के बाद भी जारी रहेंगे ये सेस

बहुप्रतीक्षित वस्तु एवं सेवा कर के क्रियान्वयन की राह आसान बनाने को सरकार ने बीते तीन साल में कई सेस खत्म किए हैं। जीएसटी लागू होने के बाद मुख्यत: क्षतिपूर्ति सेस और सात पुराने सेस बचेंगे। ऐसा होने पर कारोबारियों को जीएसटी के नियमों का पालन करने में आसानी रहेगी। वित्त मंत्रालय का कहना है कि सरकार ने बीते तीन आम बजट और कर कानून संशोधन अधिनियम 2017 के माध्यम से कई कर समाप्त किए हैं। हालांकि जो सेस जारी रहेंगे, वे सिर्फ उन्हीं वस्तुओं पर लागू हैं जो जीएसटी से बाहर रखी गयी हैं। इनमें से कई सेस आयात शुल्क से संबंधित हैं। जीएसटी लागू होने पर भी जो सेस जारी रहेंगे, उनमें आयातित वस्तुओं पर शिक्षा सेस, आयातित वस्तुओं पर माध्यमिक और उच्च शिक्षा सेस, कच्चे तेल पर सेस, डीजल और मोटर स्प्रिट पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (रोड सेस), मोटर स्प्रिट पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क, तंबाकू और तंबाकू उत्पादों तथा कच्चे तेल पर एनसीसीडी (नेशनल कैलेमिटी कंटीजेंट ड्यूटी) शामिल हैं। मंत्रालय का कहना है कि लगातार सेस खत्म करने से जीएसटी एक जुलाई 2017 से सुचारु ढंग से लागू करने के लिए जमीन तैयार हुई है। सरकार ने यह कदम कई चरणों में उठाया है ताकि जीएसटी के अलग-अलग स्लैब के अनुरूप विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं के लिए दर तय की जा सकें। आम बजट 2015-16 में सरकार ने सेवाओं पर लगने वाले एजूकेशन सेस तथा माध्यमिक और उच्चतर शिक्षा सेस को खत्म कर दिया था। इसी तरह वर्ष 2016-17 के आम बजट में सीमेंट स्ट्राबोर्ड पर सेस खत्म किया गया। वहीं श्रम कल्याण सेस कानून, 1976 में संशोधन के जरिये लौह अयस्क खान,मैंगनीज ओर खदानों और क्रोम खदानों पर सेस को खत्म किया गया। तंबाकू सेस को तंबाकू सेस कानून में संशोधन करके हटाया गया। इसी तरह सिने वर्कर वैल्फेयर सेस एक्ट 1981 में संशोधन कर सिने वर्कर वैल्फेयर एक्ट को खत्म किया गया। सरकार ने वर्ष 2017-18 के आम बजट में शोध और अनुसंधान सेस को खत्म किया। इसके अलावा कर कानून संशोधन अधिनियम 2017 के माध्यम से 13 प्रकार के सेस एक साथ खत्म किए गए। इनमें बीड़ी, चीनी, चाय, कृषि कल्याण जैसे सेस शामिल हैं। इस तरह जीएसटी लागू होने के बाद क्षतिपूर्ति सेस मुख्य सेस होगा जो डीमेरिट गुड्स पर लगाया जाएगा और इससे एकत्रित धनराशि का इस्तेमाल राज्यों को राजस्व हानि की भरपाई के लिए किया जाएगा। पहली जुलाई से लागू होने जा रहे जीएसटी के बाद किराना व्यापारी नए कराधान को आसानी से अपना सकें, इसके लिए वालमार्ट ने उनके लिए जीएसटी टोल फ्री हेल्पलाइन शुरू की है। इसके जरिये किराना व्यापारियों की शंकाओं का समाधान किया जा सकेगा। वालमार्ट इंडिया के प्रेसीडेंट व सीईओ कृष अय्यर ने कहा है कि जीएसटी कारोबार करने का एकदम नया तरीका है। वालमार्ट की टीम वक्त रहते इसे लागू करने की दिशा में सौ फीसद तैयार रहने के लिए काम कर रही हैं। इस हेल्पलाइन में विशेषज्ञों का समूह रहेगा जो पंजीकरण, कर भुगतान, मूल्यांकन, इनपुट टैक्स क्रेडिट, रिफंड आदि विभिन्न पहलुओं पर किराना व्यापारियों की शंकाओं का समाधान करेंगे।


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