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सुप्रीम कोर्ट: आज इनकम टैक्स रिटर्न और पैन कार्ड के लिए आधार कार्ड को जरूरी करने के मुद्दे पर फैसल

SC ने आज इनकम टैक्स रिटर्न और पैन कार्ड के लिए आधार कार्ड को मैंडेटरी करने के मसले पर फैसला सुनाएगा। 4 मई को इस मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस एके. सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण की बेंच ने फैसला सुरक्षित रखा था। आधार कार्ड को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई पिटीशन्स सुनवाई के लिए दायर की गई थीं। इनमें I-T एक्ट के सेक्शन 139AA को चुनौती दी गई थी। यह एक्ट 2017 के यूनियन बजट में लाया गया था। SC ने साफ कहा था कि यूनीक आइडेंटिटी नंबर स्वैच्छिक है... इस एक्ट के मुताबिक, इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए आधार कार्ड जरूरी है। इसी तरह पैन कार्ड बनवाने के लिए भी आधार को जरूरी किया गया है। ये कानून इसी साल 1 जुलाई से लागू होने जा रहा है। सीपीआई लीडर बिनॉय विस्वाम समेत कई लोगों ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया। पिटीशन के मुताबिक, 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा था कि यूनीक आइडेंटिटी नंबर स्वैच्छिक है। लिहाजा, सरकार आईटीआर और पैन के लिए आधार को मैंडेटरी घोषित नहीं कर सकती। पिटीशनर्स के वकील श्याम दीवान ने आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के उन ऑर्डर्स के हिसाब से नहीं चल रही है जो आधार को वॉलन्टियरी और मैंडेटरी नहीं करने को लेकर जारी किए गए थे।सरकार ने क्या कहा था?  21 अप्रैल को जस्टिस एके सीकरी की अगुआई वाली बेंच के सामने केंद्र सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी पेश हुए थे। कोर्ट के आधार को मैंडेटरी किए जाने वाले सवाल पर रोहतगी ने कहा था कि कई लोग ऐसे पैन कार्ड की जानकारी दे रहे थे, जो फर्जी दस्तावेजों से बनवाए गए। कई ऐसे मामले भी सामने आए जिनमें एक शख्स के पास कई पैन कार्ड थे। इन फर्जी कार्डों का इस्तेमाल फर्जी कंपनियों को पैसा ट्रांसफर करने में हो रहा था।  इस पर सुप्रीम कोर्ट ने रोहतगी से सवाल किया था, "तो क्या पैन कार्ड बनवाने के लिए अाधार होना जरूरी है? इसे मैंडेटरी क्यों किया गया?"
- इसके जवाब में रोहतगी ने कहा कि पहले भी पाया गया था कि लोग फर्जी आइडेंटिटी कार्डों के जरिए मोबाइल फोन के लिए सिम कार्ड खरीद रहे थे। तब सुप्रीम कोर्ट ने ही इस पर लगाम लगाने को कहा था। अभी इन सर्विसेस में बतौर आइडेंटिटी प्रूफ हो रहा आधार का इस्तेमाल
- पासपोर्ट बनवाने में।
- बैंक अकाउंट खुलवाने के लिए।
- कई तरह के इन्श्योरेन्स लेने के लिए।
- कई कंपनियों के नए मोबाइल फोन कनेक्शन लेने के लिए। पुराने मोबाइल कनेक्शन को भी आधार से अपडेट करने का विचार है।
- रेल टिकटों पर कन्सेशन में।
- वोटर्स लिस्ट में अपना नाम वेरिफाई करवाने में।
- EPFO के लिए यूनिवर्सल अकाउंट नंबर जनरेट करने के लिए।
- IT रिटर्न के लिए। नए बिल के तहत नया PAN जारी करने के लिए आधार जरूरी होगा।
- प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवारों को गैस कनेक्शन देने के लिए।
- यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस और हाल ही में लॉन्च हुए भीम ऐप के जरिए मनी ट्रांसफर करने के लिए।
- डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर: इसमें भी आधार का इस्तेमाल हो रहा है। सबसे ज्यादा गैस सब्सिडी के लिए।


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