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महिला शक्ति योगदान

आज बिल्कुल मुद्दे पर आते है .एनी बेसेंट को जानते है .ये कांग्रेस पार्टी की पहली महिला अध्यक्ष रही है . ये इसलिए बता रहे है . कि, महिला खुद में एक शक्ति है .हमारा समाज महिलाओ को उस नजरिये से नही देखता जैसा उसे देखना चाहिए .बरहाल ,बात एनी बेसेंट के मुद्दे पर हो रही थी .उसी पर वापस लौटते है .साल 1886, मद्रास में एनी बेसेंट ने "थियोसोफिकल सोसाइटी" की स्थापना की .एनी बेसेंट विदेशी महिला थी . इसके बावजूद उन्होंने भारत के लिए जो किया वो वाकई प्रशंसनीय है .एनी बेसेंट ने भारत में फैली कुप्रथा  बाल-विवाह ,जाति प्रथा जैसे मुद्दों का पुरजोर विरोध किया .और जेल जाने से भी परहेज नही किया .ऐसी महिला को नमन जिसने समाज की और महिलाओ में भी कुछ कर- गुजरने की भावना जागृत की .क्या एक और रोचक बात जानते है आप एनी बेसेंट के विषय में .....वो विदेशी होते हुए भी वैदिक धर्म में विशेष रूचि रखती थी .एनी बेसेंट ने अंग्रेजी में "श्रीमद्भगवतगीता" का अनुवाद किया .भारत वासियो के लिये क्या ये गौरवान्वित करने वाली बात नही है ....एक महिला जिसने भारत को और ऊँचा दर्जा दिया .एनी बेसेंट ने कहा ...मैं ये जानती हूं कि,हिन्दू धर्म श्रेष्ठ धर्म है . एनी बेसेंट ने महिलाओ के सामने एक मिसाल कायम की .एक ज्योति प्रज्वलित की महिलाए समाज के हित मेँ जो करना चाहे कर सकती है . सुनीता विलियम ,कल्पना चावला, किरण बेदी, लीला सेठ ,फातिमा बीबी ,सुमित्रा महाजन ,सुषमा स्वराज ,ये वो महिलाएं है जिन्होंने देश के लिए बहुत कुछ किया है .इनमे से कई आज भी देश हित में कार्य कर रही है .जो देश की लाखो करोड़ो महिलाओ की प्रेरणा है .