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भारत में शिक्षा का स्तर

हम सभी जानते है की शिक्षा ही हमें समाज में रहने योग्य बनती है । शिक्षित व्यक्ति का व्यवहार एक अशिक्षित व्यक्ति की तुलना में अच्छा होता है । परन्तु जो शिक्षा हम विद्यालयों में जाकर ग्रहण करते है क्या वो सच में जरुरी है । क्या विद्यालय में ली गयी शिक्षा से ही हमें अच्छा रोजगार मिल सकता है? क्या अतिरिक्त कोर्सेस की जरुरत नहीं है  इसका जवाब है ना बिना अतरिक्त कोर्सेस के हम जॉब करने की छमता नहीं रखते क्योकि विद्यालयों में हमें वो नहीं सीखाया जाता जिसकी हमें भविष्य में जॉब के लिए जरुरत होगी । मै आपको एक सर्वे के बारे में बताता हूँ । ठीक से तो याद नहीं है पर जब इंजिनीयर्स पर सर्वे किया गया तो पता चला  सौ पास हुए बच्चो में से लगभग पचास बच्चे जॉब करने की काबिलियत नहीं रखते । इसका सबसे बड़ा कारण भारत में शिक्षा का पैटर्न है हमारे यहाँ अगर किसी का मन कंप्यूटर में है तो उसे उसके साथ मैकेनिक्स, सिविल, भी पढाई जाती है जिससे वो जहां अच्छा कर सकता है वहां भी नहीं कर पता है । इसका एक कारण प्रयोगात्मक ज्ञान की कमी होना भी है ।
मेरा मानना है बच्चो को वही पढ़ाओ जहा उसकी रूचि है ।