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    मौत बड़े भाई की, ‘पोस्टमार्टम’ छोटे भाई का

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    पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के कारनामे भी अजीब हैं। याद कीजिए गत वर्ष का कोरोनाकाल जब मेरठ मेडिकल कालेज में शव ही बदल दिए गए थे। अब यहां की पुलिस और स्वास्थ्य महकमे ने भी ऐसा कारनामा कर दिखाया कि पोस्टमार्टम हुआ बड़े भाई का और पोस्टमार्टम रिपोर्ट बना दी छोटे भाई के नाम की। अब दोनों परिवार के लोग पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। पुलिस मानवीय भूल बताकर पल्ला झाड़ने में जुटी हे।

    हल्दौर थाना क्षेत्र के रसूलपुर निवासी 40 वर्षीय मदनपाल पुत्र रामचरन छोटे किसान थे। 12 मार्च को मदनपाल की मकान की छत से गिरकर मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। एक सप्ताह बाद जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट मृतक के बेटे मथन को मिली तो उसेके होश उड़ गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मृतक के छोटे भाई निपेंद्र पुत्र रामचरन सिंह के नाम पर बनी हुई थी। मदनपाल के नाम की जमीन स्थानांतरण कराने और इंश्योरेंस प्रकिया को पूरा करने के लिए मृतक के स्वजन संबंधित विभाग में गए। बीमा कंपनी और तहसील स्टाफ ने कोई भी कार्यवाही करने से इन्कार कर दिया। दस दिन से पीड़ित परिवार पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर दफ्तरों के चक्कर काट रहा है।

    स्वजन ने पोस्टमार्टम कराने वाले पैजानिया चौकी इंचार्ज विनोद कुमार मिश्र से शिकायत की। उन्होंने भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सही कराने का आश्वासन देकर उसे अपने पास रख लिया लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो सका। मृतक के बेटे का कहना है कि मौत के समय उन्होंने पुलिस को पिता का आधार कार्ड भी दिया था, फिर भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट गलत बना दी। निपेंद्र भी अपनी पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनने से परेशान है।