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राष्ट्रपति चुनाव: विपक्षी दलों के बीच वार्ता का सिलसिला शुरू


राष्ट्रपति चुनाव की अधिसूचना बुधवार को जारी होने के साथ ही उम्मीदवारी पर सत्ता और विपक्ष दोनों खेमों की राजनीतिक सक्रियता की गति  अचानक बढ़ गई। विपक्षी दलों की राष्ट्रपति चुनाव पर गठित समिति की जहां बैठक हुई, वहीं वेंकैया नायडू ने विपक्षी नेताओं को फोन कर वार्ता का न्योता देना शुरू कर दिया। सूचना प्रसारण मंत्री नायडू ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को फोन कर राष्ट्रपति चुनाव पर चर्चा के लिए मिलने का वक्त मांगा। सोनिया ने शुक्रवार को मिलने का वक्त दिया है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह व वेंकैया उनसे चर्चा के लिए जाएंगे। समिति के तीसरे सदस्य वित्त मंत्री अरुण जेटली विदेश दौरे पर हैं। शुक्रवार तक उनके लौटने की गुंजाइश कम है। भाजपा कोर ग्रुप की बैठक के बाद वेंकैया ने सोनिया और येचुरी के अलावा बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्र को भी मायावती से चर्चा का समय तय करने के लिए फोन किया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव से भी समिति संवाद करेगी।वैंकेया जहां पीएमके और टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू समेत दक्षिण की पार्टियों के नेताओं से चर्चा करेंगे। वहीं जेटली संभवत: समाजवादी विचारधारा वाले दलों से वार्ता करेंगे। राजनाथ तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी से बात कर सकते हैं। एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने वेंकैया के फोन करने की पुष्टि करते हुए कहा कि शरद पवार से उनकी जल्द चर्चा होगी। बुधवार को पहले से तय विपक्षी दलों की 10 सदस्यीय समिति की पहली बैठक संसद भवन में हुई। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने इस बैठक के बाद कहा कि सरकार द्वारा विपक्षी नेताओं से चर्चा करने की पेशकश से घटनाक्रम में नया मोड़ आया है। इसे देखते हुए विपक्षी समिति ने यह तय किया है कि उम्मीदवारी पर सरकार का रुख देखने के बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। माना जा रहा कि 23 जून से पहले राजग अपने राष्ट्रपति उम्मीदवार का एलान कर देगा। ये भी पुख्ता संकेत हैं कि राजग प्रत्याशी नामांकन का पर्चा भी 23-24 जून को ही भर दें, क्योंकि पीएम मोदी 25 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ शिखर बैठक के लिए वॉशिंगटन रवाना होने वाले हैं। चुनाव के लिए बुधवार से नामांकन शुरू हो गया है। 28 जून पर्चा दाखिल करने की अंतिम तिथि है।भाजपा की दो मोर्चो पर तैयारी
1. वरिष्ठ मंत्रियों की समिति विपक्ष व सहयोगी दलों के नेताओं से मशवरे में जुट गई है।
2.पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने तकनीकी पहलुओं को चाक-चौबंद करने के लिए संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार और मुख्तार अब्बास नकवी के साथ महासचिव भूपेंद्र यादव को तैनात कर दिया है। राजग के पास ज्यादा वोट टीआरएस, वाईएसआर कांग्रेस, अन्नाद्रमुक जैसी पार्टियों के साथ आने के बाद राजग के पास अपना राष्ट्रपति उम्मीदवार जिताने के लिए पर्याप्त से ज्यादा वोट हैं। लेकिन शाह इसे अंजाम तक पहुंचाने में कोई कसर छोड़ना नहीं चाहते हैं।
 

राष्ट्रपति चुनाव: विपक्षी दलों के बीच वार्ता का सिलसिला शुरू