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छोटे चांदों की टक्कर से हुआ था चांद का गठन

नए अध्ययन के मुताबिक ऐसा संभव है कि छोटे चांदों की टक्कर में चांद के मौजूदा स्वरूप का गठन हुआ हो यह उस प्रचलित सिद्धान्त के विरुद्ध है, जिसके अनुसार छोटे मंगल जैसे ग्रह तथा  प्राचीन पृथ्वी के मध्य के प्रभाव से इस प्राकृतिक उपग्रह का गठन हुआ हो 
अध्ययन में दावा किया गया है कि जिस चांद को हम देखते है, ये पहला चांद नही है बल्कि हमारे ग्रह की परिक्रमा करने वाले चांद की श्रृंखला का अंतिम चांद है इस्राइल में स्थित 'इस्राइल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस' (टेकनियन) के अनुसंधानकर्ताओं ने इस नए सिद्धान्त का प्रस्ताव तैयार किया है 'टेकनियन' के हगई पेरेट्स के अनुसार, 'हमारे मॉडल के अनुसार, प्राचीन पृथ्वी पर एक समय में चांदों की एक श्रृंखला थी, जिनमें प्रत्येक का गठन आद्द पृथ्वी के साथ विभिन्न टकरावों से हुआ था' इस अध्ययन का प्रकाशन 'नेचर जियोसाइंस' जर्नल में हुआ है